उत्तर प्रदेशगोरखपुर
।। फर्जी अफसर बनकर लोगों से यूं करोड़ों ठग लेता था जिसकी भनक शायद ही पुलिस प्रशासन को कभी लग सकी हो।।
।। फर्जी आईएएस ललित किशोर उर्फ गौरव सिंह की गिरफ्तारी के बाद से हर दिन उसके कारनामों की नई लिस्ट सामने आ रही हैं।।
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। होटल में बुलाई 20 साल की लड़की, 20 बॉडी गार्ड साथ, 500 करोड़ का टेंडर, बिहार के ठेकेदार की जुबानी फर्जी IAS की कहानी।।
फर्जी IAS ललित किशोर इन दिनों यूपी ही नहीं बल्कि पूरे देशभर में चर्चाओं में हैं। आरोपी फर्जी अफसर बनकर लोगों से यूं करोड़ों ठग लेता था जिसकी भनक शायद ही पुलिस प्रशासन को कभी लग सकी हो। मगर जब उसने बिहार के ठेकेदार के साथ ठगी की तो उसके सारे काले कारनामे का खुलासा हो गया।
गोरखपुर: यूपी के गोरखपुर में फर्जी आईएएस ललित किशोर उर्फ गौरव सिंह की गिरफ्तारी के बाद से हर दिन उसके कारनामों की नई लिस्ट सामने आ रही हैं। खासतौर पर फर्जी आईएएस ललित किशोर द्वारा ठगी के पैसों को अपने फर्जी रुतबे को बनाए रखने और अय्याशी पर बेतहासा खर्च किया जा रहा था। फर्जी आईएएस अपना भौकाल बनाए रखने को लेकर 20 बॉडीगार्ड के साथ चला करता था।
पुलिस की जांच में पता चला है की, गौरव ने अपनी लाइफस्टाइल इतनी चमकदार बना रखी थी कि कोई भी उसे आईएएस अधिकारी मानने में देर नहीं करता था। कीमती ब्रांडेड कपड़े, आईफोन, दो-दो लग्जरी गाड़ियां, प्राइवेट गार्ड, महंगे होटलों में रुककर लोगों से मुलाकात करता था। प्रारंभिक जांच में ही लखनऊ का 50 लाख का फ्लैट, बिहार में दो संपत्तियां और लखनऊ, गोरखपुर और बिहार में कई बैंक खातों के लेन-देन की जानकारी पुलिस को मिली है।
ठगी का शिकार हुए बिहार के ठेकेदार माधव मुकुंद ने फर्जी आईएएस ललित किशोर की झूठी शान और उसकी अय्याशी की पोल खोलते हुए बताया है कि संपर्क में आने के बाद जब मेरी मुलाकात शहर के एक होटल में फर्जी आईएएस गौरव सिंह से हुई थी। तब उसने अपने बगल की कुर्सी पर बैठने के लिए कहा, इस दौरान वह कान फोन पर लगाए बोल रहा था कि मुजफ्फरपुर से छापा मारकर आ रहा हूं। वहां के सभी अधिकारियों को राइट टाइम कर दिया है। कल न्यूज की हेडलाइन में दिखेगा।
ठेकेदार बोले कि मुझे यह सब सुनकर बहुत अच्छा लगा। बातचीत के दौरान ही पता चला कि वह आईएएस अफसर है। मैंने भी संपर्क बनाना शुरू किया। उसके रौब को देखकर मुझे पूरा यकीन था कि बहुत बड़ा अधिकारी होगा। बाद संपर्क बढ़ाने के लिए दो तीन बार फोन पर बात हुई। तब गौरव ने कहा कि आकर मिलना, बड़ा काम बताता हूं, अभी बिजी हूं।15 अप्रैल 2025 को मेरी पटना में गौरव से फिर मुलाकात हुई। गौरव ने उस दिन मुझसे बहुत अच्छे से बात की। काफी देर तक मुझे अपने साथ बिठाकर काम काज के बारे में पूछा। मैंने बताया कि सरकारी विभागों का ट्रेंडर लेता हूं। निर्माण का कार्य कराता हूं. तब उसने कहा, कहां छोटे मोटे काम कर रहे हो। चलो तुम्हें केंद्र का बड़ा ठेका 500 करोड़ का दिलाता हूं। इसके बाद मैं उसके प्लान में फंस गया। वह जो कहता था, वो सब करता था।
गौरव ने अपना गुलरिहा स्थित घर का पता दिया था। वहां कई बार जाकर उससे मिला हूं। गौरव ने 450 करोड़ रुपये का एक ठेका दिलाने के लिए कहा था। उसका एक पेपर भी व्हाट्सएप से मुझे भेजा था। एक अखबार की कटिंग भेजी थी, उसमे भी 450 करोड़ के टेंडर के बारे में विज्ञप्ति दी हुई थी. मैं अब उससे काम लेने के लिए पीछे लग गया। तीन से चार महीने में गौरव ने मुझसे 5 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करा दिए। उसे लक्जरी गाड़ियां भी मैंने दी। लेकिन धीरे-धीरे उसके कारनामे मेरे सामने आने लगे। मुझे भी पता चल गया कि वह केवल जालसाज है, लोगों से धोखाधड़ी कर पैसे हड़पता है।
इसके साथ ही फर्जी आईएएस ललित किशोर की तीन गर्लफ्रेंड होने की भी बात सामने आ रही है। ठेकेदार माधव के मुताबिक शहर के एक होटल में फर्जी आईएएस ललित किशोरी से मुलाकात के दौरान देर रात करीब 20 साल की एक सुंदर युवती आई। होटल में सभी लोग उसे देखने लगे। तब गौरव ने बताया कि मेरी बहन की बेटी है। यह कहते हुए उसे अपने कमरे में लेकर चला गया। इसके बाद पूरी रात वह अपने कमरे से बाहर नहीं आया। सुबह उसके साथ के ही एक गार्ड ने भाभी बोलकर आपस में मजाक किया। गार्ड ने बोला कि भाभी अभी गई कि नहीं, यह कहते ही सब हंसने लगे। तब मुझे भी शक हुआ, लेकिन मैंने सोचा कि बड़े अधिकारी हैं, इनके लिए यह एक आम बात है। ठगी का शिकार पीड़ित ठेकेदार माधव का कहना है कि लग्जरी गाड़ियां, ड्राइवर और निजी गार्ड उसने ही फर्जी आईएएस को उपलब्ध कराया था। लेकिन गौरव के फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ होना शुरू हुआ, माधव मुकुंद लक्जरी गाड़ियां वापस लेकर चला गया। फिलहाल फर्जी आईएएस ललित किशोर उर्फ गौरव सिंह इस वक्त जेल में है। लेकिन हररोज सामने आ रहे उसके कारनामें सुर्खियां बटोर रहे हैं।

















